शनिवार, 23 अप्रैल 2011

साहिल पे समंदर के किनारे नहीं आते - बशीर बद्र | Jakhira, Shayari Collection

1 टिप्पणी:

  1. बशीर बद्र जी का शेर और समन्दर......बहुत सुन्दर प्रस्तुति.

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