सोमवार, 22 अप्रैल 2013

माँ,बहन,बीवी,बेटी



औरत तुम भी अजीब शय हो 
तुम्हारे हजारों रूप है 
किसी रूप मे माँ,बहन,बीवी,बेटी 
तुम्हारे अंदर इतनी ममता भरी है की 
तुम ज़िंदगी भर मर्द पर 
अपनी ममता निछावर करती हो 
मगर मर्द आखिर मर्द होता है 
तुम्हें हर रूप मे तड़पने वाला 
सिसकने वाला......बेएतबार

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